Life Shayari In Hindi

150+ Emotional Life Shayari In Hindi Latest Collection – 2026

क्या आप जानते हैं कि शब्दों का सही संयोजन गहरी भावनाओं को जगा सकता है और बदलाव की प्रेरणा दे सकता है?Life Shayari in Hindi इस जादू को समेटे हुए है, जो हमें अपने दिल के गहरे विचारों और भावनाओं को आसानी से व्यक्त करने की अनुमति देती है। 

अंत तक, आप शक्तिशाली शायरी से लैस हो जाएंगे जो आपकी बातचीत में गहराई जोड़ती है और आपके दिल की बात आपके आसपास के लोगों तक पहुँचाती है।

ज़िंदगी की राहों में नित नए रंग बिखरे होते हैं, और इसी रंग-बिरंगी tapestry में शायरी का एक अनमोल स्थान है। जब हम जीवन की जटिलताओं का सामना करते हैं, तब शायरी का एक छोटा सा टुकड़ा हमें साहस और हिम्मत देता है। यह न केवल हमारे दर्द को साझा करता है, बल्कि उम्मीद की एक नई किरण भी दिखाता है। 

happy life shayari 2 line
happy life shayari 2 line

सुर्ख़ियों में ‘ऐब सारे हाशिए में नेकियाँ
क्या किताब-ए-ज़िंदगी है ज़िंदगी की आड़ में

हर एक काम है धोका हर एक काम है खेल
कि ज़िंदगी में तमाशा बहुत ज़रूरी है

हयात आज भी कनीज़ है हुज़ूर-ए-जब्र में
जो ज़िंदगी को जीत ले वो ज़िंदगी का मर्द है

विदाअ’ करती है रोज़ाना ज़िंदगी मुझ को
मैं रोज़ मौत के मंजधार से निकलता हूँ

अगर है ज़िंदगी इक जश्न तो ना-मेहरबाँ क्यों है
फ़सुर्दा रंग में डूबी हुई हर दास्ताँ क्यों है

ज़िंदगी अपना सफ़र तय तो करेगी लेकिन
हम-सफ़र आप जो होते तो मज़ा और ही था

हम लोग तो मरते रहे क़िस्तों में हमेशा
फिर भी हमें जीने का हुनर क्यूँ नहीं आया

ख़ाक और ख़ून से इक शम्अ जलाई है ‘नुशूर’
मौत से हम ने भी सीखी है हयात-आराई

सारी रुस्वाई ज़माने की गवारा कर के
ज़िंदगी जीते हैं कुछ लोग ख़सारा कर के

हिचकियों पर हो रहा है ज़िंदगी का राग ख़त्म
झटके दे कर तार तोड़े जा रहे हैं साज़ के

जो उन्हें वफ़ा की सूझी तो न ज़ीस्त ने वफ़ा की
अभी आ के वो न बैठे कि हम उठ गए जहाँ से

मिरा तजरबा है कि इस ज़िंदगी में
परेशानियाँ ही परेशानियाँ हैं

अजब तरह से गुज़ारी है ज़िंदगी हम ने
जहाँ में रह के न कार-ए-जहाँ को पहचाना

ख़ुदा आबाद रक्खे ज़िंदगी को
हमारी ख़ामुशी को सह गई है

तेज़ हवा ने मुझ से पूछा
रेत पे क्या लिखते रहते हो

उन पे क़ुर्बान हर ख़ुशी कर दी
ज़िंदगी नज़्र-ए-ज़िंदगी कर दी

यक़ीं मुझे भी है वो आएँगे ज़रूर मगर
वफ़ा करेगी कहाँ तक कि ज़िंदगी ही तो है

जब नहीं कुछ ए’तिबार-ए-ज़िंदगी
इस जहाँ का शाद क्या नाशाद क्या

कहीं कोई कमाँ ताने हुए है
कबूतर आड़े-तिरछे उड़ रहे हैं

किस ख़राबी से ज़िंदगी ‘फ़ानी’
इस जहान-ए-ख़राब में गुज़री

ज़िंदगी वादी ओ सहरा का सफ़र है क्यूँ है
इतनी वीरान मिरी राह-गुज़र है क्यूँ है

इश्क़ के मज़मूँ थे जिन में वो रिसाले क्या हुए
ऐ किताब-ए-ज़िंदगी तेरे हवाले क्या हुए

ये क्या कहूँ कि मुझ को कुछ गुनाह भी अज़ीज़ हैं
ये क्यूँ कहूँ कि ज़िंदगी सवाब के लिए नहीं

धूप की सख़्ती तो थी लेकिन ‘फ़राज़’
ज़िंदगी में फिर भी था साया बहुत

मिरी मोहब्बत में सारी दुनिया को इक खिलौना बना दिया है
ये ज़िंदगी बन गई है माँ और मुझ को बच्चा बना दिया है

हर नफ़स इक शराब का हो घूँट
ज़िंदगानी हराम है वर्ना

बंधन सा इक बँधा था रग-ओ-पय से जिस्म में
मरने के ब’अद हाथ से मोती बिखर गए

वही है ज़िंदगी लेकिन ‘जिगर’ ये हाल है अपना
कि जैसे ज़िंदगी से ज़िंदगी कम होती जाती है

ज़िंदगी! तुझ सा मुनाफ़िक़ भी कोई क्या होगा
तेरा शहकार हूँ और तेरा ही मारा हुआ हूँ

ज़िंदगी तुझ से भी क्या ख़ूब तअल्लुक़ है मिरा
जैसे सूखे हुए पत्ते से हवा का रिश्ता

आख़िर इक रोज़ तो पैवंद-ए-ज़मीं होना है
जामा-ए-ज़ीस्त नया और पुराना कैसा

ऐश ही ऐश है न सब ग़म है
ज़िंदगी इक हसीन संगम है

बड़ा घाटे का सौदा है ‘सदा’ ये साँस लेना भी
बढ़े है उम्र ज्यूँ-ज्यूँ ज़िंदगी कम होती जाती है

हम को भी ख़ुश-नुमा नज़र आई है ज़िंदगी
जैसे सराब दूर से दरिया दिखाई दे

दर्द उल्फ़त का न हो तो ज़िंदगी का क्या मज़ा
आह-ओ-ज़ारी ज़िंदगी है बे-क़रारी ज़िंदगी

हमारी ज़िंदगी तो मुख़्तसर सी इक कहानी थी
भला हो मौत का जिस ने बना रक्खा है अफ़्साना

बड़ी तलाश से मिलती है ज़िंदगी ऐ दोस्त
क़ज़ा की तरह पता पूछती नहीं आती

कभी ख़िरद कभी दीवानगी ने लूट लिया
तरह तरह से हमें ज़िंदगी ने लूट लिया

जो पढ़ा है उसे जीना ही नहीं है मुमकिन
ज़िंदगी को मैं किताबों से अलग रखता हूँ

मौत ख़ामोशी है चुप रहने से चुप लग जाएगी
ज़िंदगी आवाज़ है बातें करो बातें करो

वो मुझसे बिछड़ा तो बिछड़ गई जिंदगी,
मैं ज़िंदा तो रहा मगर ज़िंदों में न रहा!

वो लोग कभी किसी के नहीं होते जो दोस्त,
और रिश्तों को कपड़ों की तरह बदलते हैं! 

मुस्कुराने की वजह न ढूंढो वरना जिंदगी यूं ही कट जायेगी,
कभी बेवजह भी मुस्कुराकर देखो आप के साथ साथ जिंदगी भी मुस्कुराएगी! 

हमसे मत पूछिए जिंदगी के बारे में,
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे में!

जरूरी नहीं कि आपकी हर बात सबको पसंद आए
बस ज़िन्दगी ऐसे जिओ जो रब को पसंद आए। 

कोई और इल्ज़ाम रह गया हो तो वो भी दे दो
हम तो पहले से बुरे थे अब थोड़े और सही।

खैरियत पूछने वाले तो बहुत मिलेंगे
तलाश उसकी करो जो ख्याल भी रखे। 

कभी भी किसी की मजबूरी पर मत हंसो
कभी कोई मजबूरी ख़रीद कर नहीं लाता। 

शायरी में ज़िंदगी की हर भावना को खूबसूरती से बयां करने की ताक़त होती है।यह दिल और रूह के बीच एक ऐसा पुल है, जो उन एहसासों को शब्द देता है जिन्हें हम अक्सर कह नहीं पाते।चाहे हिंदी हो या अंग्रेज़ी, शायरी हर भाषा में जज़्बातों को नज़ाकत और गहराई के साथ पेश करती है। 

_life shayari english
_life shayari english

ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब
ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता

ज़िंदगी से ज़िंदगी रूठी रही
आदमी से आदमी बरहम रहा

ज़िंदगी और हैं कितने तिरे चेहरे ये बता
तुझ से इक उम्र की हालाँकि शनासाई है

वक़्त से लम्हा लम्हा खेली है
ज़िंदगी इक अजब पहेली है

सुनता हूँ बड़े ग़ौर से अफ़्साना-ए-हस्ती
कुछ ख़्वाब है कुछ अस्ल है कुछ तर्ज़-ए-अदा है

ज़िंदगी है इक किराए की ख़ुशी
सूखते तालाब का पानी हूँ मैं

इक ज़िंदगी अमल के लिए भी नसीब हो
ये ज़िंदगी तो नेक इरादों में कट गई

ज़िंदगी छीन ले बख़्शी हुई दौलत अपनी
तू ने ख़्वाबों के सिवा मुझ को दिया भी क्या है

कोई मंज़िल आख़िरी मंज़िल नहीं होती ‘फ़ुज़ैल’
ज़िंदगी भी है मिसाल-ए-मौज-ए-दरिया राह-रौ

मसर्रत ज़िंदगी का दूसरा नाम
मसर्रत की तमन्ना मुस्तक़िल ग़म

ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे
ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का

ज़िंदगी दी हिसाब से उस ने
और ग़म बे-हिसाब लिक्खा है

ज़िंदगी और ज़िंदगी की यादगार
पर्दा और पर्दे पे कुछ परछाइयाँ

सिर्फ़ ज़िंदा रहने को ज़िंदगी नहीं कहते
कुछ ग़म-ए-मोहब्बत हो कुछ ग़म-ए-जहाँ यारो

वो जंगलों में दरख़्तों पे कूदते फिरना
बुरा बहुत था मगर आज से तो बेहतर था

कोई वक़्त बतला कि तुझ से मिलूँ
मिरी दौड़ती भागती ज़िंदगी

अहल-ए-दिल के वास्ते पैग़ाम हो कर रह गई
ज़िंदगी मजबूरियों का नाम हो कर रह गई

ज़िंदगी फ़िरदौस-ए-गुम-गश्ता को पा सकती नहीं
मौत ही आती है ये मंज़िल दिखाने के लिए

एक मुश्त-ए-ख़ाक और वो भी हवा की ज़द में है
ज़िंदगी की बेबसी का इस्तिआरा देखना

ज़िंदगी कहते हैं जिस को चार दिन की बात है
बस हमेशा रहने वाली इक ख़ुदा की ज़ात है

दर्द बढ़ कर दवा न हो जाए
ज़िंदगी बे-मज़ा न हो जाए

ज़िंदगी की ज़रूरतों का यहाँ
हसरतों में शुमार होता है

बहुत अज़ीज़ थी ये ज़िंदगी मगर हम लोग
कभी कभी तो किसी आरज़ू में मर भी गए

ये चार दिन के तमाशे हैं आह दुनिया के
रहा जहाँ में सिकंदर न और न जम बाक़ी

Also Read:190+ New Chand Shayari In Hindi Heart Touching  – 2026

शायरी, हिंदी साहित्य के हृदय से निकली कविता की एक खूबसूरत विधा है, जो जीवन के अनगिनत अनुभवों के सार को संजोती है। भावनाओं को शब्दों में पिरोने की इसकी अनोखी कला इसे उन लोगों के लिए अनमोल ख़ज़ाना बनाती है, जो अपने दिल की गहराइयों को व्यक्त करना चाहते हैं। 

single life shayari
single life shayari

ग़म-ओ-अलम से जो ताबीर की ख़ुशी मैं ने
बहुत क़रीब से देखी है ज़िंदगी मैं ने

लोग मरते भी हैं जीते भी हैं बेताब भी हैं
कौन सा सेहर तिरी चश्म-ए-इनायत में नहीं

लम्हा-ब-लम्हा दम-ब-दम आन-ब-आन रम-ब-रम
मैं भी गुज़िश्तगाँ में हूँ तू भी गुज़िश्तगाँ में ह

यही है दौर-ए-ग़म-ए-आशिक़ी तो क्या होगा
इसी तरह से कटी ज़िंदगी तो क्या होगा

जी लगा रक्खा है यूँ ताबीर के औहाम से
ज़िंदगी क्या है मियाँ बस एक घर ख़्वाबों का है

हमारी ज़िंदगी कहने की हद तक ज़िंदगी है बस
ये शीराज़ा भी देखा जाए तो बरहम है बरसों से

आँखों में उस की मैं ने आख़िर मलाल देखा
किन किन बुलंदियों पर अपना ज़वाल देखा

वो कूदते उछलते रंगीन पैरहन थे
मासूम क़हक़हों में उड़ता गुलाल देखा

ज़िंदगी बस मुस्कुरा के रह गई
क्यों हमें नाहक़ रिझा के रह गई

गुज़र रही थी ज़िंदगी गुज़र रही है ज़िंदगी
नशेब के बग़ैर भी फ़राज़ के बग़ैर भी

मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है

नींद को लोग मौत कहते हैं
ख़्वाब का नाम ज़िंदगी भी है

उसी को कहते हैं जन्नत उसी को दोज़ख़ भी
वो ज़िंदगी जो हसीनों के दरमियाँ गुज़रे

अदा हुआ न क़र्ज़ और वजूद ख़त्म हो गया
मैं ज़िंदगी का देते देते सूद ख़त्म हो गया

बे-तअल्लुक़ ज़िंदगी अच्छी नहीं
ज़िंदगी क्या मौत भी अच्छी नहीं

कभी आँखों पे कभी सर पे बिठाए रखना
ज़िंदगी तल्ख़ सही दिल से लगाए रखना

धोका है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है

ज़िंदगी क्या जो बसर हो चैन से
दिल में थोड़ी सी तमन्ना चाहिए

मिलो कभी चाय पर, फिर क़िस्से बुनेंगे
तुम ख़ामोशी से कहना, हम चुपके सुनेंगे।

समय हर समय को बदल देता है
बस समय को थोड़ा समय चाहिए। 

कतार में खड़े है खरीदने वाले
शुक्र है मुस्कान नहीं बिकती।

क्यों घबराता है पगले दुःख होने से
जीवन तो प्रारम्भ ही हुआ है रोने से.

कुछ आग आरज़ू की कुछ उम्मीद का धुआँ
पर राख ही तो ठहरा अंजाम ज़िन्दगी का।

फ़ुर्सत में करेंगे तुझसे हिसाब ऐ ज़िंदगी
अभी तो उलझे हैं तुझे सुलझाने में।

किताबों की एहमियत अपनी जगह है जनाब
पर याद वही रहता है, जो वक्त सिखाता है।

न जाने हमारी जिंदगी का ये कैसा दौर है
इंसान खामोश है, ऑनलाइन शोर ही शोर है।

वक़्त सिखा देता है फलसफा जिन्दगी का
फिर नसीब क्या, लकीर क्या
और तक़दीर क्या।

ग़म ख़ुद ही ख़ुशियों में बदल जाएँगे
जब मुस्कुराने को हम अपनी आदत बनाएँगे।

इतवार में भी कुछ यूँ हो गयी है मिलावट
छुट्टी तो मिलती है, पर सुकून नहीं मिलता।

वक़्त के उस दौर में इतना भूखा था मैं
कि कुछ न मिला तो धोखा ही खा गया।

ख्वाहिशें खत्म नहीं होती इंसान की यारों
मौत’ के बाद भी वो ‘जन्नत’ मांगता है।

ख्वाब में तो ख्वाब पूरे हो नहीं सकते कभी
इसलिए राहे हकीकत पर चला करता हूँ मैं।

हर एक चीज़ की कीमत लगते देखा है
इंसान छोड़ो भगवान को भी बिकते देखा है।

सुख दुःख निभाना तो कोई फूलों से सीखे
बारात हो या जनाजा साथ जरूर देते हैं।

परेशान हूँ मैं और दर्द का नाम है ज़िंदगी
अच्छा या बुरा मैं हूँ, और बदनाम है ज़िंदगी।

ज़िंदगी की जटिल भावनाओं के ताने-बाने में शायरी एक नाज़ुक धागे की तरह होती है, जो उन एहसासों को जोड़ती है जो अक्सर अनकहे रह जाते हैं। यह काव्यात्मक अभिव्यक्ति कुछ मार्मिक पंक्तियों में प्यार, दुःख और खुशी के सार को समेट लेती है, जिससे हम अपने अनुभवों की गहराई को उस तरह महसूस कर पाते हैं, जहाँ साधारण शब्द कभी-कभी कम पड़ जाते हैं। 

Happy life shayari for girl
Happy life shayari for girl

कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया
तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा

मिरी ज़िंदगी पे न मुस्कुरा मुझे ज़िंदगी का अलम नहीं
जिसे तेरे ग़म से हो वास्ता वो ख़िज़ाँ बहार से कम नहीं

ज़िंदगी से तो ख़ैर शिकवा था
मुद्दतों मौत ने भी तरसाया

ऐ अदम के मुसाफ़िरो होशियार
राह में ज़िंदगी खड़ी होगी

‘मुनीर’ इस ख़ूबसूरत ज़िंदगी को
हमेशा एक सा होना नहीं है

तल्ख़ियाँ इस में बहुत कुछ हैं मज़ा कुछ भी नहीं
ज़िंदगी दर्द-ए-मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं

कुछ और तरह की मुश्किल में डालने के लिए
मैं अपनी ज़िंदगी आसान करने वाला हूँ

दिन रात मय-कदे में गुज़रती थी ज़िंदगी
‘अख़्तर’ वो बे-ख़ुदी के ज़माने किधर गए

किसी के बिन किसी की याद के बिन
जिए जाने की हिम्मत है नहीं तो

जनम जनम के सातों दुख हैं उस के माथे पर तहरीर
अपना आप मिटाना होगा ये तहरीर मिटाने में

तज्दीद-ए-ज़िंदगी के इशारे हुए तो हैं
कुछ पल सही वो आज हमारे हुए तो हैं

ख़ुद-कुशी का फ़ैसला ये सोच कर हम ने किया
कौन करता ज़िंदगी का मौत से अच्छा इलाज

कुछ तो है बात जो आती है क़ज़ा रुक रुक के
ज़िंदगी क़र्ज़ है क़िस्तों में अदा होती है

लाई है किस मक़ाम पे ये ज़िंदगी मुझे
महसूस हो रही है ख़ुद अपनी कमी मुझे

ज़िंदगी की बिसात पर ‘बाक़ी’
मौत की एक चाल हैं हम लोग

ज़िंदगी ख़्वाब है और ख़्वाब भी ऐसा कि मियाँ
सोचते रहिए कि इस ख़्वाब की ताबीर है क्या

ज़िंदगी परछाइयाँ अपनी लिए
आइनों के दरमियाँ से आई है

कभी खोले तो कभी ज़ुल्फ़ को बिखराए है
ज़िंदगी शाम है और शाम ढली जाए है

बचपन की सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी थी ये
कि बड़े होते ही ज़िंदगी मज़ेदार हो जाएगी।

आईना तू बता, क्यों न तुझे तमाशा कहूँ
हर आदमी ठहरता है जहाँ तू खड़ा हुआ।

धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो
ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो। 

जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है

सुना है पैसों से सब कुछ खरीदा जा सकता है,
मुझे वो बाज़ार बताओ जहाँ सुकून बिकता है।

हादसों की मार से टूटे अगर जिंदा रहा
जिंदगी जो तूने जख्म दिए वो गहरा ना था

जिंदगी एक रात है जिसमें ना जाने कितने ख्वाब है,
जो मिल गया वो अपना है जो टूट गया वो सपना है..!!

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी भी जिंदगी
सोचा कुछ किया कुछ हुआ कुछ मिला कुछ

ज़िंदगी के सफर में मुश्किलें हज़ार आएँगी,
हर कदम पर नई परीक्षाएँ आएँगी।

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी भी जिंदगी,
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ

ज़िन्दगी से याही गिला है मुजे
तू बोहत डर से मिला है मुजे

तू मोहब्बत से कोई चाय चले
हर जेन का होसला है मुजे

दिल धडकटता नहीं टपकता है
कल जो ख्वाहिश थी आबला है मुझसे

हमसफ़र चहिये हजूम नहीं
इक मुसाफिर भी काफला है मुजे

कोह किन हो क्या हो फ़राज़
सब मीन इक शक्स ही मिला है मुजे

पुराने तरीकों से नए दरवाजे नहीं खुलेंगे,
नया सोचना ही जिंदगी के नए रास्ते बनाएगा।

हर काल से एक सीखने का पाठ होता है,
जो हमें आने वाले कल के लिए मजबूत बनाता है।

ज़िंदगी वेहाम के उस समंदर की तरह है, जिसमें हर लहर एक नई कहानी बुनती है। शायरी में इसका नजरिया जादुई है; हर शब्द जैसे एक दर्पण बनता है, जहाँ हम अपने अक्स को देख सकते हैं। “ज़िंदगी से ये शिकायते हैं, पर ना जाने कितनी खुशियों की छांव में छिपा है हर दर्द।”

Deep Shayari on life
Deep Shayari on life

ज़ख़्म-ए-फ़ुर्क़त को पलकों से सीते हुए साँस लेने की आदत में जीते हुए
अब भी ज़िंदा हो तुम ज़िंदगी ने कहा ज़िंदगी के लिए एक ताज़ा ग़ज़ल

उलट कर जब भी देखी है किताब-ए-ज़िंदगी हम ने
तो हर इक लफ़्ज़ के पीछे कोई इक हादिसा निकला

मुझ को अता हुआ है ये कैसा लिबास-ए-ज़ीस्त
बढ़ते हैं जिस के चाक बराबर रफ़ू के साथ

उस को धुँदला न सकेगा कभी लम्हों का ग़ुबार
मेरी हस्ती का वरक़ यूँही खुला रहने दे

कितनी भी प्यारी हो हर इक शय से जी उक्ता जाता है
वक़्त के साथ तो चमकीले ज़ेवर भी काले पड़ जाते हैं

नहीं कि ज़िंदगी हमें कहाँ कहाँ लिए फिरी
है यूँ कि हम गए उसे कहाँ कहाँ लिए हुए

उस ज़ाविए से देखिए आईना-ए-हयात
जिस ज़ाविए से मैं ने लगाया है धूप में

जो नहीं है वक़्त का हम-सफ़र उसे सुब्ह-ओ-शाम की क्या ख़बर
हो किसी का वक़्त पे क्या असर भला वक़्त किस का ग़ुलाम है

कार-ए-दुनिया को भी कार-ए-इश्क़ में शामिल समझ
इस लिए ऐ ज़िंदगी तेरी पता रखता हूँ मैं

मर-मर के जिएँ किस लिए बंदे तिरे मौला
जीना भी ज़रा मौत सा आसान बना दे

वहीं पे झाड़ के उठते हैं फिर मता’-ए-हयात
कि ज़िंदगी को जहाँ जिस के नाम करते हैं

आप ने इस के फ़साने ही सुने होते हैं
और अचानक ये बला आप के सर होती है

अ’याल-ओ-माल ने रोका है दम को आँखों में
ये ठग हटें तो मुसाफ़िर को रास्ता मिल जाए

पहला क़दम ही आख़िरी ज़ीने पे रख दिया
या’नी जो दिल का बोझ था सीने पे रख दिया

कितना सोचा था दिल लगाएँगे
सोचते सोचते हयात हुई

शाम-ए-मिम्बर पर फ़ज़ीलत के बहुत संजीदा फ़रहाँ
सुब्ह-दम अफ़्सुर्दगी के फ़र्श पर बिखरा हुआ मैं

कहानी है तो इतनी है फ़रेब-ए-ख़्वाब-ए-हस्ती की
कि आँखें बंद हूँ और आदमी अफ़्साना हो जाए

ज़िंदगी फैली हुई थी शाम-ए-हिज्राँ की तरह
किस को इतना हौसला था कौन जी कर देखता

नश्शा था ज़िंदगी का शराबों से तेज़-तर
हम गिर पड़े तो मौत उठा ले गई हमें

दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है

लगता है सच कहा था उस फकीर ने,
बढ़ते बढ़ते दर्द दवा बन जाता है।

सफर मोहब्बत का अब खत्म ही समझो
तेरे रवइये से जुदाई की महक आती है

जो तालाब पर चौकीदारी करते हैं
वो समुंदर पर घंटा राज करेगे 

बेमतलब की ज़िन्दगी का सिलसिला ख़त्म,
अब जिस तरह की दुनिया, उस तरह के हम।

कभी मतलब के लिए तो कभी बस दिलगी के लिए
हर कोई मोहब्बत ढूढ़ रहा है अपनी लाइफ के लिए

तू ना सही पर तेरी यादें तो होनी चाहिए,
तेरे इस शहर में हम गरीबों के लिए भी थोड़ी जगह तो होनी चाहिए

अकेले खड़े होने का साहस रखो
दुनिया ज्ञान देती है साथ नही

हंसकर जीना ही दस्तूर है जिंदगी का,
एक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का। 

उड़ा भी दो सारी रंजिशें इन हवाओं में यारों,
छोटी सी जिंदगी है, नफरत कब तक करोगे।

मुझे ज़िन्दगी की दुआ देने वाले
हंसी आ रही है तेरी सादगी पर

दुनिया का सबसे कीमती हमसफर वो होता है,
जो कीमत से नही किस्मत से मिलता है।

सब कुछ मिल जाये तो क्या मजा,
जीने के लिए एक कमी जरूरी है

शायरी केवल शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि यह भावनाओं का एक नाज़ुक नृत्य है, जो दिल और दिमाग़ को गहराई से जोड़ता है।यह अपने खूबसूरत अंदाज़ में ऐसी तस्वीरें उकेरती है, जिनके माध्यम से इंसान प्रेम, तड़प और दर्द जैसी भावनाओं को उनके सबसे सच्चे रूप में महसूस कर पाता है।

Life shayari in attitude
Life shayari in attitude

वो गुजारा पल न जाने अफसानों में क्या कह गया,
एक सपना तुझको पाने का सपना ही रह गया। 

जिंदगी में ऐसी भी कई रातें आती हैं,
न नीद आती है, न ख्वाब आते हैं। 

खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !

मेहरबानी जमाने की… अब ये दिल मासूम ना रहा,
पत्थर तो नही बना पर अब मोम भी ना रहा..!!

क्या बताए…कैसे कैसे मिल जाते हैं लोग,
रहमदिल क्या हुए रोज छल जाते हैं लोग।

कभी मिलेगी खुशियां कभी मिलेंगे गम
हमदर्द की क्या जरूरत अकेले काफी हैं हम। 

आज में जीने वाला परिंदा हूं,
इसलिए अभी तक जिंदा हूं..!

जो तेरी चाह में गुजरी वही ज़िन्दगी थी बस,
उसके बाद तो बस ज़िन्दगी ने गुजारा है मुझे।

सिर्फ आवाज देने से लोग रुका नही करते,
देखा भी जाता है, की पुकारा किसने है..!

वक्त के साथ खुद को मजबूत बना रहा हूं,
जिंदगी में अकेले कैसे खुश रहना है ये खुद को सिखा रहा हूं।।

ना जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो भी नही सकते… उसके हो रहे हैं हम।।

कहने को अभी बेशक पूरा कारवां बाकी है,
मेरे हिस्से में मगर, वही एक निशां बाकी है।

बह जाने दो आंखों से आंसुओं को आज,
हर सितम हसीन हो वक्त का ये ज़रूरी तो नही।

कश म कश सी जिंदगी, इंतजार अभी बाकी है,
निकल जाता है दिन, रात अभी भी बाकी है।

चल रहे हो तो ही जिंदा हो,
थम जाने का नाम तो जिंदगी बिलकुल नही।

मैं ज़िंदा हूँ अभी तक,
ये दुःख मुझे मार डालेगा…! 

ए ज़िन्दगी बार बार न रुलाया कर,
हर किसी के पास चुप कराने वाला नहीं होता…! 

जिसकी क़िस्मत में लिखा हो रोना,
वो मुस्कुरा भी दे तो आंसू निकल जाते हैं…! 

मैं अपना हूँ, दूसरों के लिए नहीं
ज़िंदगी अपनी है, नियम भी अपने ही हैं…! 

जो दिखते हैं सरल, उनके अंदर का एटीट्यूड सबसे खास होता है
हर कदम पर स्टाइल और अपनी बात का वजन होता है…! 

अकेले ही चलना सीख लिया, दुनिया के भाग-दौड़ से अलग
मेरा एटीट्यूड, मेरी ज़िंदगी, और मेरी शर्त…! 

मुस्कुराते रहना एटीट्यूड का हिस्सा है
पर जो समझे, वही असली राज़ जाने…! 

ना फॉलो करता हूँ किसी को, ना किसी का इम्प्रेशन बनाता हूँ
बस अपनी दुनिया और अपना एटीट्यूड रखता हूँ…!

हर लम्हा तन्हाई में गुजरता है
दिल रोता है, कोई नहीं सुनता है

इस दुनिया में हर कोई मतलब से मिलता है
रिश्तों की डोर बस दिखावे से बंधी मिलती है 

ज़िंदगी ने हमें हर मोड़ पर आजमाया है
कभी खुशी तो कभी ग़म का साया है 

कभी ज़िंदगी ने हंसाया, कभी रुला दिया
कभी अपने भी बेगाने का एहसास करा दिया

हर किसी के हिस्से में चाँदनी नहीं आती
हर दर्द की कोई दवा नहीं होती 

समाप्त करने के लिए, life shayari in hindi हमारे दिलों में एक खास जगह रखती है, जो गहरी भावनाओं और विचारों को कुछ ही खूबसूरत पंक्तियों में समेट देती है। यह हमारे अंदर की भावनाओं और बाहरी दुनिया के बीच एक पुल का काम करती है, जो प्यार, दर्द और उम्मीद की कहानियों को बुनती है।

हर एक शेर हमें रुककर अपने अनुभवों की गहराई पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है, और यह याद दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं। जब आप शायरी की दुनिया में और गहराई से उतरते हैं, तो आपको जीवन को समझने के नए दृष्टिकोण और अंतर्दृष्टियाँ मिल सकती हैं जो आपके जीवन की समझ को समृद्ध करती हैं।

What is Life’s Best Line?

Life’s best line might just be “This too shall pass.” It’s a phrase that encapsulates the transient nature of both joy and hardship, reminding us that every moment, whether challenging or blissful, is temporary. 

What is a Beautiful Life Quote?

A beautiful life quote often encapsulates the essence of joy, appreciation, and the journey of living fully. One such quote is by Ralph Waldo Emerson: “Live in the sunshine, swim the sea, drink the wild air.” 

How to Enjoy Life Quotes?

Enjoying life quotes can be a simple yet profound way to enhance your daily perspective. A good quote often encapsulates wisdom in just a few words, turning complex ideas into digestible insights.

Similar Posts

Leave a Reply