Mausam Shayari in Hindi

180+ Beautiful Mausam Shayari In Hindi Collection – 2026

यह कोई रहस्य नहीं है कि प्रकृति हमारी भावनाओं का आईना होती है, जो हर मौसम के साथ बदलते हमारे मूड और एहसासों को प्रतिबिंबित करती है।.“Mausam Shayari in Hindi” इस भावना को खूबसूरती से समेटता है, जो क्षणभंगुर पलों को कालातीत पंक्तियों में बदल देता है।

अंत तक, आपके पास दिल को छू लेने वाली शायरियों का एक संग्रह होगा, जिन्हें आप अपने प्रियजनों के साथ साझा कर सकते हैं या अपने मौसमी सफर के दौरान उन पर विचार कर सकते हैं।

मौसम, अपनी बदलती हुई मनःस्थितियों के साथ, शायरी के लिए एक ऐसा सुंदर कैनवास प्रदान करता है जो हर मौसम से जुड़ी गहरी भावनात्मक अवस्थाओं की अभिव्यक्ति करता है।बारिश से भीगे हुए शांत दिनों में शायरी उन भावनाओं को व्यक्त करती है, जहाँ हर बूंद के साथ दिल के एहसास और भी गहरे हो जाते हैं।

Mausam shayari for girl
Mausam shayari for girl

उनके प्यार में इस कदर मदहोश है की,
बारिश की बूंदों का स्पर्श भी उन्ही का एहसास कराता है…!

बारिश यूं अचानक आई,
ऐसा लगा तुम मेरे शहर में हो…!

मैं बादलों से ये गुज़ारिश करूँगा,
तुम मेरे पास हो जब भी ये बारिश हो…!

बारिश में भीगने का मजा तब आता है,
जब भीगने वाले दो हो और छाता एक…!

मुझे बारिश से इतना लगाव है,
की एक मौसम मेरे अंदर भी ऐसा रहता है…!

कुछ तो हुआ है इस बार की बारिश में,
वरना यूं ही बादल लगातार नही बरसते…!

बारिश से जरा कहदो इतना भी ना बरसे,
अगर मुझे उनकी याद आ गई तो मुकाबला बराबर का होगा…!

बारिश की तरह बरसे मेरा इश्क टुमपर,
तुम्हे भी ही जाए फिर इश्क का बुखार…!

सारे इत्रो की खुशबू मंद पड़ जाती है,
अगर मिट्टी पे बूंदे चंद पड़ जाती है…!

मौसम देख कर आना मेरे शहर में दोस्त,
मैं इस बार की बारिश में तुम्हे जाने नही दूंगा…!

चूम लेता हु मै उसको जब वो उदास होता है,
ये बारिश का मौसम भी बोहोत खास होता है…!

कितनी भी तेज हो इस बार की बारिश,
नही बदल सकती मेरी तुमसे मिलने की ख्वाइश…!

कभी कभी तो ऐसा लगता है मेरी जान,
ये बारिश सिर्फ हम दोनो के लिए बनी है…!

बारिश से मेरा रिश्ता सा बन गया है दोस्त,
जबसे भीगा हु मै तुम्हारी खुशी के लिए…!

मैने इश्क किया है तुझे बारिश की तरह,
तू जब भी आएगा मौसम हसीन होगा…!

जरा सी बात पर रिश्ते बदल भी जाते है,
तेज बारिश हो तो यारो फिशल भी जाते है…!

कोई भी मौसम खराब नही होता,
मगर बारिश की बात सबसे अलग है…!

लगा लो हमें अपने सीने से जान,
कहीं ये बारिश का मौसम गुजर जाए…!

मौसम एक जीवंत कविता है, हर ऋतु प्रकृति के निरंतर बदलते छंदों का एक पद है। कल्पना कीजिए पिघलती बर्फ के आलिंगन को चीरते हुए पहले अंकुर की—बसंत की कोमल वर्षाओं द्वारा फुसफुसाया गया पुनर्जन्म का एक हाइकू।

mausam par shayari
mausam par shayari

जैसा मूड़ हो वैसा मंजर होता है..
मौसम तो इंसान के अंदर होता है… 

आज है वो बहार का मौसम,
फूल तोड़ूँ तो हाथ जाम आए।।

आ देख मेरी आँखों के, ये भीगे हुए मौसम,
ये किसने कह दिया कि तुम्हें भूल गये हम. 

तुम मौसम की तरह बदल रही हो,,
मैं फसल की तरह बरबाद हो रहा हूँ..!! 

मौसम गए सुकून गया ज़िन्दगी गई
दीवानगी की आग में क्या-क्या गया न पूछ।। 

तेरे इंतजार का मजा ही कुछ और है
अरे उसके आगे तो तेरे इस मौसम का मजा भी कमजोर है 

मौसम भी है सुहाना, बारिश भी हो रही है,
बस एक कमी है तेरा मुझसे गले लग जाना।।

मस्त मौसम दिल में बहार लता है
बिछड़े हुआ जोड़े को फिर से मिलता है

कुछ तो मौसम-ए-हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख्याल भी,
दिल को खुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी।। 

बहुत ही सर्द है अब के दयार-ए-शौक़ का मौसम,
चलो गुज़रे दिनों की राख में चिंगारियाँ ढूँडें।।

हँसाना नहीं बस रुलाना जानता है
ये मौसम भी ना बस औरों को फसाना जानता है।

मौसम ने बनाया है निगाहों को शराबी,
जिस फूल को देखूं वोही पैमाना हुआ है।। 

मौसम की मिसाल दूँ या तुम्हारी
कोई पूछ बैठा है बदलना किसको कहते हैं।। 

तब्दीली जब आती है मौसम की अदाओं में,
किसी का यूँ बदल जाना बहुत ही याद आता है।। 

हर किसी के जीवन में एक ऐसा वक़्त आता है,
जिसे दिल से चाहों वो मौसम की तरह बदल जाता है. 

महबूब के बिना हर मौसम उदास सा लगता है,
महबूब हो पास तो हर मौसम ख़ास सा लगता है. 

शहर देखकर ही अब हवा चला करती है।
अब इंसान की तरह होशियार मौसम होते हैं।।

मौसम पर लिखी कविताएं प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच एक सेतु का काम करती हैं, जो बारिश की बूंदों, धूप और तूफानों के ताने-बाने में भावनाओं को पिरोती हैं। हर गुजरता बादल हजारों विचारों का भार लिए होता है, जो क्षणभंगुर पलों या निरंतर संघर्षों का प्रतीक बन जाता है। 

mausam shayari love
mausam shayari love

ये सुहाना मौसम, ये हल्की हवायें. फरवरी आ रही हैं।
बोलो, पट रहे हो तुम या हम किसी और को पटाये।। 

सर्द फ़िजा.खुशनुमा मौसम और ओस की हल्की बूँदे।
खामखाँ बढ़ा दिया बेचैनियों को जनवरी की लहर ने।।

कच्ची दीवारों को पानी की लहर काट गई
पहली बारिश ही ने बरसात की ढाया है मुझे

उस को आना था कि वो मुझ को बुलाता था कहीं
रात भर बारिश थी उस का रात भर पैग़ाम था

बरसात थम चुकी है मगर हर शजर के पास
इतना तो है कि आप का दामन भिगो सके

भीगी मिट्टी की महक प्यास बढ़ा देती है
दर्द बरसात की बूँदों में बसा करता है

हैरत से तकता है सहरा बारिश के नज़राने को
कितनी दूर से आई है ये रेत से हाथ मिलाने को

बरसता, भीगता मौसम है कमज़ोरी मेरी लेकिन,
मैं ये रिमझिम, घटा, बादल तुम्हारे नाम करता हूँ।।

क्यूँ माँग रहे हो किसी बारिश की दुआएँ
तुम अपने शिकस्ता दर-ओ-दीवार तो देखो

छुप जाएँ कहीं आ कि बहुत तेज़ है बारिश
ये मेरे तिरे जिस्म तो मिट्टी के बने हैं

बदलते मौसम पर शायरी में एक अनोखा जादू होता है, जैसे हर बूँद की गिनती में नया एहसास छुपा होता है। जब पेड़ों की पत्तियाँ हरी से पीली होने लगती हैं, तो जीवन की अनिश्चितता का अहसास एक नया आकार ले लेता है। इस मौसम में प्रेम की खुशबू और बिछड़ने का दर्द, दोनों ही गहराई से मिलते हैं। 

तुम्हारी यादें भी बारिश की तरह है,
भीग कर सुकून मिलता है…!

हमसे पूछो मिजाज बारिश का,
है जो कच्चे मकान वाले हैं…!

बाहर बारिश की बूँदें बरस रही हैं,
अंदर तेरे लिए आँखें तरस रही हैं…!

बारिश की बूंदों में जल रहा है दिल मेरा,
हर तरफ तेरी यादों का धुआं धुआं सा है…!

उनसे कहना के किस्मत पर इतना नाज़ ना करे,
हमने बारिश में भी जलते हुए मकान देखे हैं…!

आज सारा दिन उदास गुज़र गया,
अभी रात की सजा बाकी है…!

उदास फिरता है अब मोहल्ले में बारिश का पानी,
कश्तियां बनाने वाले मोबाइल से इश्क कर बैठे…!

बस एक तेरे संग भीगे हम,
मुझे उस बारिश की तलाश है…!

कोई कितना भी खुश मिजाज क्यों ना हो,
रुला देती है ये बारिश कभी कभी…!

सुना है बारिश में दुआ कबूल हो जाती है,
इजाजत हो तो तुम्हे मांग लू…!

कुछ रिश्ते बारिश की बूंदों की तरह है,
जब भी याद आते है तो जमकर बरसात होती है…!

क्या रोग दे गई है ये नए मौसम की बारिश,
मुझे याद आ रहे हैं, मुझे भूल जाने वाले…!

आदत ना डाल मुझे बारिश में नहाने की,
या तो ऊब जाऊंगा या डूब जाऊंगा…!

जिस तरह टूट के बरसी है बारिश,
उसी तरह खुद को तेरी जात पे मरते देखा…!

सुनो ये बादल जब भी बरसता है,
मेरा मन तुमसे मिलने को तरसता है…!

खिड़कियों से झांकना बेकार है,
बारिश हो रही हो तो थोड़ा भीग लेना चाहिए…!

बारिश में भीगना चाहती हू,
ताकि कोई मेरे आसू ना देख सके…

गुलज़ार की “मौसम शायरी” सिर्फ़ मौसम का वर्णन नहीं करती, बल्कि बदलते मौसमों के जरिए इंसानी जज़्बातों की परतें खोलती है। बारिश, धूप, सर्दी या पतझड़—ये सब उनके यहाँ केवल प्रकृति के दृश्य नहीं रहते, बल्कि यादों, तन्हाई, उम्मीद और बिछड़ने-मिलने की कहानियों में बदल जाते हैं।

Haseen Mausam Shayari
Haseen Mausam Shayari

कोई आशिक भी ना रोया हो इतना, अपने महसूब से बिछड़ने के बाद,
जितना ये आसमान तो रहा है बिना किसी चांद के.

बदलते मौसम के साथ लोग भी बदल जाते है,
पर मौसम फिर से लौट आते है, मगर लोगो नहीं.

मंजर भी बेनूर थे,
ओर फिजाएं भी बेरंग थी,
तुम्हारक याद आई और मौसम सुहाने हो गए.

ए मौसम कैसी है ये तेरी बेवफाई,
परायों की याद को मिटाना था,
तूने तो अपनों की ही करदी सफाई.

इस तरह भीगे हम तेरी बारिश में,
के खुश्क मौसम में भी तेरे एहसास है.

फ़िर कहा अपने मौसम सुहाने हुए,
हमे उनसे बिछड़े ज़माने हुए.

हवा तो रात दिन चलती रहेगी,
ये शम्मा रात भर जलती रहेगी,

अब ये मुमकिन नहीं वो लौट आए,
ज़िन्दगी बस यूंही चलती रहेगी.

हम बदल नहीं सके तेरे लिए,
मगर बदल गए है तेरी वजह से.

दिल बहुत करता है के तुमसे बात करूं,
लेकिन दिल की ही ख्वाइश है के शुरुआत तुम करो.

अच्छी किताबें और अच्छे लोग,
तुरंत समंझ नहीं आते इन्हें पढ़ना पड़ता है.

जितने हम उन्हें देखने को तरसते हैं,
उससे कहीं ज्यादा तो बदल बरसते है.

जो मौसम गुज़र गए, उन्हें क्या पता,
यादों का बोझ कितना भारी होता है.

ए बारिश जरा थम के बरस,
जब मेरा दोस्त आ जाए तो जम के बरस,
पहले ना बरस कि वो आ ना सके,
फिर इतना बरस की वह जा ना सके.

ये मौसम कहीं गुजर ना जाए,
तूझे जी भर के देख लू बरसात से पहले…!

ये मौसम बोहोत खूबसूरत है,
इसे हम दोनो की जरूरत है…!

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बहार की महक में बसी हर शायरी हमें प्रेम के अहसास से भर देती है। फूलों की खिलखिलाहट और पत्तों की सरसराहट में छुपे इश्क के जज्बात को व्यक्त करना खास होता है। इस तरह की शायरी न केवल हमें शांति देती है

तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे

जो उन मासूम आँखों ने दिए थे
वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ

दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था

मेरे पास से उठ कर वो उस का जाना
सारी कैफ़िय्यत है गुज़रते मौसम सी

आती जाती है जा-ब-जा बदली
साक़िया जल्द आ हवा बदली

वो लोग मेरे बहुत प्यार करने वाले थे
गुज़र गए हैं जो मौसम गुज़रने वाले थे

अब की रुत में जब धरती को बरखा की महकार मिले
मेरे बदन की मिट्टी को भी रंगों में नहला देना

मौसम ने खेत-खेत उगाई है फ़स्ल-ए-ज़र्द
सरसों के खेत हैं के जो पीले नहीं रहे

सर्दी में दिन सर्द मिला
हर मौसम बेदर्द मिला

जैसा मूड हो वैसा मंज़र होता है
मौसम तो इंसान के अंदर होता है

बैठे बैठे फेंक दिया है आतिश-दान में क्या क्या कुछ
मौसम इतना सर्द नहीं था जितनी आग जला ली है

मैं आखिर कौनसा मौसम तुम्हारे नाम कर दु,
यहां हर मौसम को गुज़र जाने की जल्दी है.

फितरत ही कुछ ऐसी है इस जहान की,
यहां तो बदल तक रंग बदलते हैं.

मुझे फ़ुर्शत हु कहा है के मौसम सुहाना देखूं,
आप की याद से निकलूं तो ज़माना देखूं.

ढलने लगी थी शाम के तुम याद आ गए,
फिर यूं हुआ के रात बहुत देर तक चली.

मौसम जो ज़रा सर्द हुआ,
फिर वही पुराना दर्द हुआ.

कभी करीब तो कभी बहुत दूर होते है,
ये मोहब्बत के भी मौसम अजीब होते है.

हज़ार बार ये मौसम बदल गया लेकिन,
हमारी उनसे बिछड़ने की वो तारीख ना बदली.

है बहुत अंधेरा अब सूरज निकलना चाहिए,
जिस तरह से भी हो ये मौसम बदलना चाहिए.

बारिश ओर मौसम दोनो ही यादगार होते है,
बारिश मै जिस्म भीगता है और मोहब्बत में आंखे.

एक तो बादल बिना मौसम बरसाते रहे,
दूसरे हम जो तुझे देखने को तराशते रहे.

मेरे ही आसमा का रंग है ऐसा,
या शाम कहीं ओर भी उदास है.

मौसम ए मिज़ाज, गुलज़ार कर गए,
उफ्फ वो मुस्कुराए, कर्जदार कर गए.

कहीं फिसल ना जाओ सम्भल कर रहना,
मौसम बारिश का भी है, और मोहब्बत का भी.

कितना भी बदल जा तू मौसम,
इंसान से ज्यादा बदलने का हुनर नहीं है तुझमें.

मौसम से सीखा है मैने बदलना,
अगर मैं बदलू तो दोष कुदरत को देना.

कोई मौसम होता तो बयां कर देता मै,
उनके हुस्न को बयां करना मेरे बस्की बात नहीं

मौसम की मिसाल दु या तुम्हारी,
कोई पूछ बैठा है बदलना किसको कहते है.

भारत के हर मौसम के साथ जीवन की विविधता का एक अनोखा समावेश है। पत्थरों की पहली बूंदें जब धरती को छूती हैं, तो वो एक नई उम्मीद का काम करती है। काव्य में इस समय की खुशबू, मिट्टी की सौंधी मह, और जीवन के पुनर्जन्म का चित्रण होता है।

Thandi mausam par shayari
Thandi mausam par shayari

ऐ मौसम मुझे वहा ले चल,
जहा उसके और मेरे बीच कोई दूरी ना रहे…! 

दिल खुश हो जाता था जिसके मुस्कुराने से,
ये मौसम बेरंग हो गया है उसके छोड़ जाने से.

मौसम की हर लहर में एक कहानी है,
प्रेम की बूंदों में ज़िन्दगी की मिठास छुपी है।

बरसात की धूप में गरमी की लहरें हैं,
मौसम की ये ख़ुशबू हर दिल को बहुत भाती है।

इस मौसम की मिठास में हर दिल को बहुत मिलता है,
प्रकृति का ये सौंदर्य हर किसी को मदहोश करता है।

बरसात की बूँदों में रोमांस छुपा है,
मौसम की ये खुशबू हर दिल को बहुत भाती है।

बारिश यूं अचानक आई,
ऐसा लगा तुम मेरे शहर में हो…! 

टपक पड़ते हैँ आँसू जब किसी की याद आती है।
ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीँ होता।।

शहर में बिखरी हुई हैं, ज़ख्म-ए-दिल की खुशबुएँ,
सा लगता है के दीवानों का मौसम आ गया।।

वही पर्दा, वही खिड़की, वही मौसम, वही आहट।
शरारत है, शरारत है, शरारत है, शरारत है। 

सर्द मौसम में छनी हुयी धुप सी लगते हो।
कोई बादल हरे मौसम का फ़िर ऐलान करता है।।

बालकनी से बाहर आकर कर देखो ये जानेजाना।
मौसम तुम से मेरे दिल की बात कहने आया है।। 

बदला जो रंग उसने हैरत हुयी मुझे।
मौसम को भी मात दे गयी फ़ितरत जनाब की।।

बारिश में भीगने का मजा तब आता है,
जब भीगने वाले दो हो और छाता एक…!

कुछ तो हुआ है इस बार की बारिश में,
वरना यूं ही बादल लगातार नही बरसते…

एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरबाई भी।
ऐसा तो कम ही होता है वो भी हो तन्हाई भी।। 

मौसम-ए-गुल में तो आ जाती है काँटों पे बहार।
बात तो जब है ख़िजाँ में गुल-ए-तर पैदा कर।। ! 

वाह मौसम तेरी वफा पे आज दिल खुश हो गया,,
याद-ए-यार मुझे आयी और बरस तू पड़ा।। 

अच्छा सुनो तुम अपना जरा ध्यान रखना,
अभी मौसम बीमारी का भी हैं और इश्क का भी।।

शायद कायनात भी है गुलाम तुम्हारी।
तभी तो हर बदलता मौसम लिए आता है खुशबू तुम्हारी।।

प्यार का मौसम जब आता है तो हर चीज रंगीन और खुशबू से भरी महसूस होती है। ऐसे मौसम में हवा की लहरों में छुपी बातें और बारिश की बूंदों की मधुर आवाजें दिल की गहराइयों को छू लेती हैं। रोमांटिक मौसम की शायरी इस एहसास को व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम है। 

Mausam shayari on life
Mausam shayari on life

तुम्हारी यादें भी बारिश की तरह है,
भीग कर सुकून मिलता है…!

हमसे पूछो मिजाज बारिश का,
है जो कच्चे मकान वाले हैं…!

बाहर बारिश की बूँदें बरस रही हैं,
अंदर तेरे लिए आँखें तरस रही हैं…!

बारिश की बूंदों में जल रहा है दिल मेरा,
हर तरफ तेरी यादों का धुआं धुआं सा है…!

उनसे कहना के किस्मत पर इतना नाज़ ना करे,
हमने बारिश में भी जलते हुए मकान देखे हैं…!

आज सारा दिन उदास गुज़र गया,
अभी रात की सजा बाकी है…!

उदास फिरता है अब मोहल्ले में बारिश का पानी,
कश्तियां बनाने वाले मोबाइल से इश्क कर बैठे…!

बस एक तेरे संग भीगे हम,
मुझे उस बारिश की तलाश है…!

कोई कितना भी खुश मिजाज क्यों ना हो,
रुला देती है ये बारिश कभी कभी…!

सुना है बारिश में दुआ कबूल हो जाती है,
इजाजत हो तो तुम्हे मांग लू…!

कुछ रिश्ते बारिश की बूंदों की तरह है,
जब भी याद आते है तो जमकर बरसात होती है…!

क्या रोग दे गई है ये नए मौसम की बारिश,
मुझे याद आ रहे हैं, मुझे भूल जाने वाले…!

आदत ना डाल मुझे बारिश में नहाने की,
या तो ऊब जाऊंगा या डूब जाऊंगा…!

जिस तरह टूट के बरसी है बारिश,
उसी तरह खुद को तेरी जात पे मरते देखा…!

सुनो ये बादल जब भी बरसता है,
मेरा मन तुमसे मिलने को तरसता है…!

खिड़कियों से झांकना बेकार है,
बारिश हो रही हो तो थोड़ा भीग लेना चाहिए…!

बारिश में भीगना चाहती हू,
ताकि कोई मेरे आसू ना देख सके…

Mausam Shayari in Hindi के माध्यम से हमें अपने इमोशन्स और अनुभवों को खूबसूरती से व्यक्त करने का एक अनोखा तरीका मिलता है। यह ना केवल हमारी भावनाओं को शब्दों में पिरोता है, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा को भी संजोता है। हर मौसम के साथ जुड़े खास लम्हों को शब्दों में ढालकर हम अपनी यादों को ताजा कर सकते हैं।

 शायरी का यह सफर न सिर्फ हमें प्रेरित करता है, बल्कि एक दूसरे के साथ जुड़ने का मौका भी देता है। तो आइए, मौसमी शायरी के इस अद्भुत संसार में कदम रखें और खुद को अभिव्यक्त करने का एक नया माध्यम अपनाएं।

What is a Romantic Quote About Weather?

One beautiful romantic quote about weather is, “The rain may fall softly, but it carries the music of our hearts when we’re together.” This captures the enchanting sense of intimacy that often accompanies rainy days.

What are the basic Weather Words?

Basic weather vocabulary is essential for anyone interested in meteorology or just wanting to stay informed about daily forecasts. Some fundamental terms include “temperature,” which measures how hot or cold something is, usually expressed in degrees Celsius or Fahrenheit.

What is a Quote About Good Weather?

Good weather often inspires feelings of joy and positivity, encapsulated beautifully by Aristotle’s quote: “In all things of nature, there is something of the marvelous.” This expresses how pleasant weather can amplify our appreciation for the beauty around us, making sunny days feel extra special.

What is the Weather in a Short Sentence?

Weather refers to the short-term atmospheric conditions in a specific place at a particular time, including elements like temperature, humidity, precipitation, and wind. It can change rapidly and is influenced by various factors, including geography and time of year.

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